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Wednesday, 25 December 2013

वापसी


ഉഷാ പ്രിയംവദ എഴുതിയ മടങ്ങിപ്പോക്ക് എന്ന ഈ രചന റിട്ടയര്‍മെന്റിന് ശേഷം കുടുംബത്തില്‍ ഒറ്റപ്പെട്ടു പോകുന്ന ഗൃഹനാഥന്റെ സങ്കടങ്ങളുടെ കഥ പറയുന്നു. വിശ്രമത്തിനായി കൊതിച്ചെത്തി,കുടുംബത്താല്‍ അവഗണിക്കപ്പെട്ട് വീണ്ടും ജോലി തേടി വീടിന്റെ പടിയിറങ്ങുന്ന എത്രയെത്ര ഗജാധര്‍ബാബുമാര്‍ ഇന്ന് നമുക്ക് ചുറ്റുമുണ്ട് !
समस्या: साँस्कृतिक अस्मिता और उसके स्वतंत्र विकास की अवधारणा.
उपभोक्तावाद मानवीय संबंधों में दरार डालता है।
आशय: बदलते जीवन परिवेश में मानवीय संबंधों में शिथिलता आ गई है।
भाषापरक: पारिवारिक शिथिलता बतानेवाली हिंदी कहानी का परिचय पाना।
सहायक सामग्री: कहानी सी.डी.
  •  पिछले पाठभाग में भारतीय संस्कृति में गुरु शिष्य संबंध और बदलते परिवेश हमने समझा।
आप में से कितने लोगों के माँ-बाप काम करते हैं?
? वे कौन-सी नौकरी करते हैं?
? ये लोग किसके लिए काम करते हैं?
? तुम्हारे जीवन में माँ-बाप का स्थान क्या है?
? अपने बच्चों के प्रति अन्य देश में काम करनेवाले माँ-बाप का मनोभाव कैसा होगा? उनके प्रति आपका मनोभाव क्या है?
? बुढ़ापे में अधिकाँश माँ-बाप को अपने बच्चों से बुरा व्यवहार झेलना पड़ता है। वे क्या
करेंगे?
ज् काम से अवकाश प्राप्त होकर अपने घर वापस आने के बाद अपनी पत्नी और बच्चों से बुरा
व्यवहार झेलनेवाले गजाधर बाबू नामक एक रेलवे कर्मचारी की कहानी उषा प्रियंवदा "वापसी"
में बताती है।
मोड्यूल 1(गजाधर बाबू.........जा रहे हैं।)
वाचन प्रक्रिया:
? गजाधर बाबू कौन था?
? कितने साल तक रेलवे में सेवा की?
? जीवन में अकेले क्षणों में उन्होंने किसकी कल्पना की?
? उनके परिवार में कौन-कौन थे?
? पत्नी के संबंध में उनकी यादें क्या-क्या हैं?
? वर्षों के बाद उनको परिवार के साथ रहने का अवसर कैसे मिला?
? क्या आपने कभी माँ-बाप से अलग रहे?
? माँ-बाप से अलग रहते समय की कोई संवेदनात्मक स्मृति है तो लिखें।
? गजाधर बाबू पैंतीस साल की नौकरी के बाद कल अपने घर वापस आने की तैयारी में है। उस दिन की उनकी डायरी कैसी होगी? कल्पना करके लिखें।
? लेखन प्रक्रिया:
मोड्यूल 2 (टोपी उतारकर........चुप रह गई।)
वाचन प्रक्रिया:
? गजाधर के सूखे चेहरे पर स्निग्ध मुस्कान क्यों आई?
? घर के अंदर पहुँचते समय उन्होंने क्या-क्या देखे?
? गजाधर को गणेशी की याद क्यों आई?
? गजाधर ने भोजन बनाने का दायित्व बेटी और बहू को दे दिया। क्यों?
? गजाधर बाबू के अचानक घर आ जाने पर परिवार के सदस्यों की क्या प्रतिक्रिया हुई?
? गजाधर बाबू गणेशी की याद करते हुए पत्नी के साथ वार्तालाप करते हैं। दोनों के बीच का
संभावित वार्तालाप लिखें।
लेखन प्रक्रिया:
मोड्यूल 3 (गजाधर बाबू....ज़रूरत नहीं है।)ठ्ठाोड्यूल 3 (गजाधर बाबू......ज़रूरत नहीं है।)
? आनेवाली और जानेवाली रेलगाड़ियों से गजाधर बाबू के जीवन की क्या समानता है?
? गजाधर बाबू को अपने घर में अस्थाइत्व का अनुभव क्यों हुआ?
? "न मन का पहना न ओढ़ा"- पत्नी के इस कथन से गजाधर बाबू के घर की किस स्थिति का पता चलता है?
? "मैं ऐसा खाना नहीं खा सकता"- नरेन्द्र ने ऐसा क्यों कहा?
? घर का खर्च कम करने के लिए गजाधर बाबू और उनकी पत्नी के बीच का वार्तालाप तैयार करें।
? लेखन प्रक्रिया:
मोड्यूल 4 (अगले दिन....लेट रहे हैं।)
वाचन प्रक्रिया:
? अवकाश प्राप्ति के बाद "घर का मुखिया अपने ही घर में पराया" क्यों हो जाता?
? गजाधर ने नौकर को क्यों छुड़ा दिया?
? नौकर को छुड़ा देने के संबंध में माँ और अमर के बीच का वार्तालाप लिखें।
मोड्यूल 5 (गजाधर बाबू चिट्ठी.....नहीं है।)
? गजाधर बाबू को चीनी के मिल में नौकरी मिलने पर पत्नी उनके साथ नहीं जा पाई। क्यों?
? "अरे नरेन्द्र, बाबू जी की चारपाई कमरे से निकाल दे। उसमें चलने तक की जगह नहीं।" पत्नी की इन बातों से आप क्या समझते हैं?
चीनी के मिल में भर्ती होने के बाद गजाधर बाबू अपनी डायरी लिख रहे हैं। वह डायरी कल्पना करके लिखें।
अतिरिक्त कार्य:
1. गजाधर बाबू को चीनी के मिल में नौकरी मिली। वे अपने घर के बुरे अनुभवों के बारे में अपने
मित्र के नाम पत्र लिख रहे हैं। वह पत्र कल्पना करके लिखें।
2. गजाधर बाबू की आत्मकथा लिखें।
3. गजाधर बाबू की जीवनी तैयार करें।
भाषा की बात:
पहनाई गई, लगाया गया, उतराई गई, खिलाया गया- पाठभाग से इसी प्रकार के प्रयोग चुनकर लिखें।
वाच्य बदलकर खंड का पुनर्लेखन करें। (टी.बी. पृ. 109)
पोस्टर
विविध नमूने दिखाएँ।
पोस्टर की विशेषताएँ क्या-क्या हैं?
रूपरेखा कैसे तैयार करेंगे?
निम्नलिखित प्रसंगों पर पोस्टर तैयार करें-
1. विश्व पर्यावरण दिवस
2. प्रेमचंद जयंती समारोह
3. स्वतंत्रता दिवस समारोह
4. गाँधी जयंती समारोह
वापसी: टीचर वर्शन
गजाधर बाबू घर वापस आने की तैयार में लिखी डायरी।

स्थान:..........
तारीख:........
ओह! 34 साल की नौकरी के बाद कल पत्नी और बच्चों के साथ। कितने साल मैंने अकेला रहकर काटा! लेकिन मैं खुश हूँ कि अमर और कान्ति की शादी करवा दी। मकान बनवाया। बच्चों को उच्च शिक्षा दी। इतने साल के बाद कितने छोटे-छोटे रेलवे स्टेशनों पर रहा! आज मैं बहुत खुश हूँ।
गजाधर बाबू की आत्मकथा
मैं, गजाधर बाबू, पैंतीस साल रेलवे में नौकरी के बाद रिटायर होकर बड़ी खुशी से घर पहुँचा। इतने सालों में मैंने छोटे-छोटे रेलवे स्टेशनों पर अकेले काटा। शहर में एक मकान बनवाया। बड़ा लड़का अमर और बेटी कान्ति की शादी करवा दी। पत्नी के स्नेहपूर्ण व्यवहार मैं याद करता हूँ। पत्नी के स्नेह और आदर के मध्य रहने के लिए मैं घर पहुँचा। लेकिन बच्चों का व्यवहार अच्छा नहीं लगा। मैंने समझा कि बच्चे हैं। पत्नी ने आकर जूठे बर्तनों पर नाक-भौं चढ़ाया। मैं चाय और नाश्ते का इंतज़ार करते रहा। अचानक गणेशी की याद आई। रोज़ सुबह पैसेंजर आने के पहले वह गरम-गरम पूड़ियाँ और जलेबी बनाता था। पत्नी का शिकायत भरा स्वर मन में व्याघात पहुँचाया। मैं अपनी बेटी बसंती और उसकी भाभी को भोजन बनाने का भार सौंपा। लेकिन उनको पसंद नहीं आया। घर में मुझे लेटने के लिए जगह नहीं है। सोने के लिए एक पतली-सी चारपाई डाली गई थी। मैं अपने ही घर में अस्थाइत्व का अनुभव करने लगा। पत्नी के व्यवहार में सहानुभूति नहीं थी।
एक दिन सुबह घूमकर लौटा तो कमरे में मेरे चारपाई नहीं थी। मुझे अपने घर में परदेसी के समान रहना पड़ा। मैंने खर्च कम करने के लिए नौकर को छुड़ा दिया। इससे दूसरे का बुरा व्यवहार सहना पड़ा। सेठ रामजीमल की चीनी मिल में मुझे एक नौकरी मिली। पत्नी को साथ लेकर जाना चाहा, लेकिन वह नहीं आई। मैं अपना टिन ता बक्स पतला-सा बिस्तर लेकर निकला। जीवन में दूसरी वापसी.. घर के लोगों के मुँह में खुशी थी।
हमने क्या किया
  • परिवार में माँ-बाप का स्थान, बुढ़ापे में उनसे व्यवहार, बच्चों का दायित्व आदि समझाया
  • छात्रों से अपने परिवार में हुई कोई संवेदनात्मक स्मृति कराया।
  • गजाधर बाबू और बेटी बासंती के बीच का वार्तालाप लिखवाया।
  • घर के बढ़ते खर्च के संबंध में गजाधर बाबू और पत्नी के बीच का वार्तालाप लिखवाया।
  • नौकर को छुड़ा देने के संबंध में अमर और माँ के बीच का वार्तालाप लिखवाया।
  • घर के अनुभव पर गजाधर जी की डायरी लिखवाई।
  • चीनी मिल की नौकरी और घर के अनुभव पर अपने दोस्त के नाम पत्र लिखवाया।
  • वाच्य का परिचय दिया।
  • वाच्य बदलकर खण्ड का पुनर्लेखन करवाया।
  • पोस्टर देखकर आशयग्रहण कराया।
  • पोस्टर की भाषापरक विशेषताएँ समझया।
  • पारिभाषिक शब्दावली का अभ्यास कराया।
  • पारिभाषिक शब्द जोड़कर लिखने का अवसर दिया
  • सरकारी कार्यालय संबंधी पारिभाषिक शब्द लिखने का अवसर दिया

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