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Saturday, 6 August 2016

'पड़' सहायक क्रिया का प्रयोग


'पड़' सहायक क्रिया का प्रयोग

पड़ सहायक क्रिया के प्रयोग से किसी कार्य को करने की विवशता का बोध होता है। याने करना पसंद नहीं तो भी करने में मज़बूर होता है ऐसा भाव होता है।

कर्ता+को,  क्रिया प्रायः कर्म के अनुसार बदल जाती है।

  
उदा:
मुझे बड़े सबेरे उठना पड़ता है। (अकर्मक)
എനിക്ക് വളരെ രാവിലെത്തന്നെ എഴുന്നേല്‍ക്കേണ്ടി വരുന്നു.

बच्चे को स्कूल तक पैदल जाना पड़ता है। (अकर्मक)
കുട്ടിക്ക് സ്കൂള്‍ വരെ നടക്കേണ്ടിവരുന്നു
 
रमेश को ठंडे पानी में नहाना पड़ता है। (अकर्मक)
രമേശന് തണുത്ത വെള്ളത്തില്‍ കുളിക്കേണ്ടിവരുന്നു.

गीता को काढ़ा पीना पड़ा। (काढ़ा കഷായം कर्म, पुल्लिंग एकवचन)
ഗീതക്ക് കഷായം കുടിക്കേണ്ടി വന്നു.

हमें चीनी के बिना चाय पीनी पड़ती है। (चाय कर्म, स्त्रीलिंग एकवचन)
നമുക്ക് പഞ്ചസാരയില്ലാതെ ചായ കുടിക്കേണ്ടി വരുന്നു.

राहुल को सुबह से शाम तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
(मेहनत कर्म, स्त्रीलिंग एकवचन)
രാഹുലിന് രാവിലെ മുതല്‍ വൈകുന്നേരം വരെ കഠിനാദ്ധ്വാനം ചെയ്യേണ്ടി വന്നു.

अकर्मक वाक्यों में क्रियाएँ पुल्लिंग एकवचन में होती हैः

उदाः लड़के को स्कूल तक पैदल जाना पड़ता है।
      लड़कों को स्कूल तक पैदल जाना पड़ता है।
      लड़की को स्कूल तक पैदल जाना पड़ता है। 
      लड़कियों को स्कूल तक पैदल जाना पड़ता है।


Wednesday, 3 August 2016

റെയില്‍വേ ഗേജുകള്‍


റെയില്‍വേ ഗേജുകളെ സംബന്ധിച്ച് അധ്യാപകരിലും വിദ്യാര്‍ത്ഥികളിലും സംശയം ഉണ്ടായേക്കാന്‍ സാധ്യത മുന്നില്‍ക്കണ്ടുകൊണ്ട് സഹായകരമായേക്കാവുന്ന ഒരു പോസ്റ്റ് അവതരിപ്പിക്കുകയാണ്. രവി.

Tuesday, 2 August 2016

आठवीं के व्याकरण अभ्यास (पृ. 12) के लिए एक सहायक पोस्ट


         यह कार्य कक्षा आठवीं के पृष्ठ 12 के अभ्यास के लिए तैयार किया गया है। लेकिन पाठ्यपुस्तकों के वाक्यों का विश्लेषण दो पाठों के आधार पर किया गया है। मैं आशा करता हूँ कि यह अध्यापक बंधुओं और प्यारे छात्र-छात्राओं के लिए सहायक बन जाए। रवि।

सामान्य वर्तमानकाल

कर्ता (सर्वनाम, संज्ञा)
क्रियाधातु
पुल्लिंग
स्त्रीलिंग
मैं
, जा, पढ़, लिख, कर
ता हूँ
ती हूँ
तुम
ते हो
ती हो
यह, वह, तू (एकवचन)
ता है
ती है
ये, वे, हम, आप (वहुवचन, आदर.)
ते हैं
ती हैं


तालिका से वाक्य कैसे बनाएँ?
 
मैं आता हूँ। मैं आती हूँ। तुम आते हो। तुम आती हो। यह आता है। यह आती है। वह आता है। वह आती है। तू आता है। तू आती है। लड़का आता है। लड़की आती है। राम आता है। रषीदा आदी है। ये आते हैं। ये आती हैं। वे आते हैं। वे आती हैं। हम आते हैं। हम आती हैं। आप आते हैं। आप आती हैं। लड़के आते हैं। लड़कियाँ आती हैं। पिताजी आते हैं। माताजी आती हैं।

तालिका के आधार पर पाठ्यपुस्तक के वाक्यों का विश्लेषण

शाहंशाह अकबर को कौन सिखाएगा

मैं हर चीज़ को सीखना चाहता हूँ। 
       यहाँ मैं पुल्लिंग में है - शाहंशाह अकबर के स्थान पर प्रयुक्त है।
क्या आप जानते हैं ...........। 
       यहाँ आप शब्द शाहंशाह के लिए प्रयुक्त है जो पुल्लिंग में है।
इस दरबार में मौज़ूद हर शख्स आपको कुछ न कुछ सिखा सकता है। 
      यहाँ हर शख्स पुल्लिंग एकवचन में है।
हरेक ऐसा कुछ जानता है....। 
      यहाँ हरेक पुल्लिंग एकवचन में है।
हुज़ूर, बुद्धिमान व्यक्ति जानते हैं....। 
      यहाँ बुद्धिमान व्यक्ति आदरवाचक पुल्लिंग है।


ज्ञानमार्ग

हम तीनों इस बात पर गर्व कर सकते हैं 
      हम पुल्लिंग बहुवचन है। हम तीन राजकुमारों के लिए प्रयुक्त है।
राजकुमार 2 इधर-उधर देखता है। 
      राजकुमार 2 पुल्लिंग एकवचन है।
मैं मंत्र पढ़ता हूँ। 
      यहाँ मैं शब्द राजकुमार 3 के लिए प्रयुक्त है।
राजकुमार 3 मंत्र पढ़ता है। 
      यहाँ कर्ता राजकुमार 3 पुल्लिंग एकवचन है।
.... और उसके ऊपर खाल आ जाती है 
      खाल शब्द स्त्रीलिंग एकवचन में है।
लेकिन क्या तुम इसमें प्राण भी डाल सकते हो। 
     यहाँ तुम पुल्लिंग में है। यहाँ तुम शब्द राजकुमार 1 के लिए प्रयुक्त है।
राजकुमार 1 मंत्र पढ़ता है... 
      राजकुमार शब्द पुल्लिंग एकवचन में है।
.... और शेर जीवित हो जाता है। 
      शेर शब्द पुल्लिंग एकवचन में है।
वे बचने की कोशिश करते हैं। 
      वे शब्द पुल्लिंग एकवचन में है।
गुरुजी पास आ जाते हैं। 
     यहाँ गुरुजी आदरवाचक पुल्लिंग शब्द है।
.... तुम अपने ज्ञान का नुकसान भी कर सकते हो। 
     यहाँ तुम पुल्लिंग में है जो तीन राजकुमारों के लिए प्रयुक्त है।
शेर बकरी बन जाता है। 
     यहाँ शेर शब्द पुल्लिंग एकवचन में है।
ज्ञान तो सबकी भलाई के लिए होता है। 
     यहाँ ज्ञान शब्द पुल्लिंग एकवचन में है।
सभी अभिनेता एकसाथ कई बार कहते हैं 
      सभी अभिनेता शब्द पुल्लिंग बहुवचन है जो गुरुजी और तीन राजकुमारों के लिए प्रयुक्त है।

Sunday, 24 July 2016

दस्तंबू


     मिर्जा असद-उल्लाह खां ग़ालिब का नाम भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के महँ कवियों में शामिल है ! मिर्जा ग़ालिब ने 1857 के आन्दोलन के सम्बन्ध में अपनी जो रूदाद (विवरण) लिखी है उससे उनकी राजनीतिक विचारधारा और भारत में अंग्रेजी राज के सम्बन्ध में उनके दृष्टिकोण को समझने में काफी मदद मिल सकती है !

अपनी यह रूदाद उन्होंने लगभग डायरी की शक्ल में प्रस्तुत की है ! और फारसी भाषा में लिखी गई इस छोटी-सी पुस्तिका का नाम है-दस्तंबू ! फारसी भाषा में 'दस्तंबू' शब्द का अर्थ है पुष्पगुच्छ, अर्थात बुके (Bouquet) ! अपनी इस छोटी-सी किताब 'दस्तंबू' में ग़ालिब ने 11 मई, 1857 से 31 जुलाई, 1857 तक की हलचलों का कवित्वमय वर्णन किया है ! 'दस्तंबू' में ऐसे अनेक चित्र हैं जो अनायास ही पाठक के मर्म को छू लेते हैं ! किताब के बीच-बीच में उन्होंने जो कविताई की है, उसके अतिरिक्त गद्य में भी कविता का पूरा स्वाद महसूस होता है ! जगह-जगह बेबसी और अंतर्द्वंद की अनोखी अभिव्यक्तियाँ भरी हुई हैं! इस तरह 'दस्तंबू' में न केवल 1857 की हलचलों का वर्णन है, बल्कि ग़ालिब के निजी जीवन की वेदना भी भरी हुई है ! 'दस्तंबू' के प्रकाशन को लेकर ग़ालिब ने अनेक लम्बे-लम्बे पत्र मुंशी हरगोपाल 'ताफ्तः' को लिखे हैं ! अध्येताओं की सुविधा के लिए सारे पत्र पुस्तक के अंत में दिए गए हैं ! भारत की पहली जनक्रांति, उससे उत्पन्न परिस्थितियां और ग़ालिब की मनोवेदना को समझने के लिए 'दस्तंबू' एक जरूरी किताब है ! इसे पढने का मतलब है सन 1857 को अपनी आँखों से देखना और अपने लोकप्रिय शाइर की संवेदनाओं से साक्षात्कार करना !
मुहम्मद अशरफ़ आलुंगल और हिंदी ब्लॉग से साभार

Sunday, 19 June 2016

भिन्न संख्याएँ

बंधुओ,
       हमारी आठवीं हिंदी पाठ्य पुस्तक के 'शाहंशाह अकबर को कौन सिखाएगा' पाठ में ....तुमने मेरा महल, राज्य की आधी जनता से भर दिया?, दसवीं की पाठ्यपुस्तक के 'बीरबहूटी' पाठ में बारिशें आने में डेढ़ महीने बाकी था आदि वाक्यों में हिंदी भिन्न संख्याओं का प्रयोग आप देख सकते हैं। ऐसे प्रसंगों को ध्यान में रखकर ऐसा एक पोस्ट प्रस्तुत कर रहा हूँ। रवि.

बीर बहूटी

प्रिय अध्यापक बंधुओ,
            बीरबहूटी पाठ आप पढ़ा रहे होंगे। हमारे संदेहों के निवारण के लिए यदि रचनाकार प्रभात के ही बयान मिले तो वह ज़रूर सहायक होगा न? मुझे लगता है कि शिक्षण साथी वाट्स आप ग्रूप की ओर से निकला यह पोस्ट यहाँ प्रस्तुत करना वहुत सहायक होगा। क्योंकि हमारे विभिन्न संदेहों का निवारण यहाँ हो रहा है। कोल्लम कडक्कोड एस.एन.एस.एच.एस.एस. के रसाख जी इस मूल्यवान जानकारी के पीछे का मुख्य हाथ है ऐसा मैं जानता हूँ। सोमशेखरन जी का प्रयास भी विशेष उल्लेखनीय है।  रवि.


Tuesday, 17 May 2016

"बीरबहूटी" എം.പിശാന്തി,

"बीर बहूटी" നമ്മുടെ കുട്ടികളിലേക്കെത്തിച്ച  ടെക്റ്റ് ബുക്ക് ടീമിന് അഭിനന്ദനങ്ങളും കടപ്പാടും അറിയിക്കുന്നു.  അതിന്റെ ഉദ്ദേശ്യലക്ഷ്യങ്ങളിൽ दोस्ती , प्रकृति   എന്നിവക്കൊപ്പം കാലം കൈവിട്ടു പോയ മൂല്യങ്ങളെക്കുറിച്ചു കൂടി സൂചിപ്പിക്കാമായിരുന്നു എന്ന് എനിക്ക് തോന്നുന്നു . ഇന്ന് മാറി വരുന്ന അധ്യാപക-വിദ്യാർത്ഥി മാനങ്ങളുടെ ഞെട്ടിപ്പിക്കുന്ന കഥകൾ മാധ്യമങ്ങൾ നമുക്കു നൽകി കഴിഞ്ഞു. അംഗീകാരം ഉള്ളതും ഇല്ലാത്തതുമായ വിദ്യാഭ്യാസ സ്ഥാപനങ്ങളിലും, മതപOന കേന്ദ്രങ്ങളിലും ഉണ്ടാകുന്ന പീഢന കഥകളും, പട്ടിക്കൂട് സംഭവങ്ങളും ചില സിനിമകളും നമ്മെ ഞെട്ടിച്ചത് നാം 1970-80 കളിലും ഇന്നും ജീവിച്ചിരിക്കുന്നത് കൊണ്ടാവാം! അന്ന് തല്ലുകൊണ്ട 'ബേല 'കളാണ് നമ്മിൽ പലരും! ഇന്നാണെങ്കിൽ ബേലയെ ശിക്ഷിച്ച അധ്യാപകന് എന്തെല്ലാം നേരിടേണ്ടി വന്നേനെ! അന്ന് നമുക്ക് നമ്മുടെ അധ്യാപകരോടും തിരിച്ച് അവർക്ക് നമ്മോടും തോന്നിയിരുന്ന ബഹുമാനവും, സ്നേഹവും വാത്സല്യവും, വിശ്വാസവും ,സ്വന്തമെന്ന തോന്നലും എവിടെപ്പോയി?

Wednesday, 30 March 2016

IX Hin Mar 2016 Qn Paper Analysis


IX Hin Mar 2016 Qn Paper Analysis
1. ചോദ്യം 2ലെ സംഭവങ്ങള്‍ പരസ്പരം ബന്ധപ്പെടുത്തി എഴുതാന്‍ പറ്റുന്ന വിധത്തിലുള്ളതാകുന്നതാണ് അഭികാമ്യം. पारस തന്നെ पत्थर ആയതുകൊണ്ട് पारस पत्थर എന്ന് പറയുന്നത് ശരിയായി തോന്നുന്നില്ല.
2. ചോദ്യം 7ന് ഉത്തരമായി പ്രതീക്ഷിക്കുന്ന बाँध आने के कारण ഉചിതമായി തോന്നുന്നില്ല. അണക്കെട്ട് പൂര്‍ത്തിയായി, ഇനി വെള്ളം നിറയുകയാണ് വേണ്ടത്. അതുകൊണ്ടുതന്നെ बारिश के कारण എന്നതും സംശയം സൃഷ്ടിച്ചേക്കാം. बाँध में पानी भरने के कारण, गाँव डूबने के कारण എന്നിങ്ങനെയാണ് കൂടുതല്‍ ശരിയായതെന്നാണ് എന്റെ അഭിപ്രായം.
         ഈ പ്രശ്നങ്ങള്‍ ഒഴിവാക്കിയാല്‍ ഈ ചോദ്യപേപ്പര്‍ പൊതുവെ മികച്ചതായി കണക്കാക്കാവുന്നതാണ്.
                                             രവി, ഹിന്ദി ബ്ലോഗ്.

Tuesday, 29 March 2016

VIII Hin Mar. 2016 Model Ans. Paper


VIII Hin Mar 2016 Model Ans Paper
1. पाठ-प्रोक्ति-रचयिताः तालिका की पूर्ति                                    3
पाठ
प्रोक्ति
रचयिता
पिता का प्रायश्चित
संस्मरण
अरुण गाँधी
इस बारिश में
कविता
नरेश सक्सेना
ज्ञानमार्ग
एकांकी
असगर बज़ाहत
2. कोष्ठक से घटनाएँ चुनकर क्रमानुसार पूर्ति                               2
  • माँ ऊपर आसमान की ओर बड़ी देर तक देखती रही।
  • लड़के के मन में माँ के बटुए से पैसे चुराने का भी ख्याल आया।
  • अंधेरे में उसकी हथेली में एक अठन्नी दमक रही थी।
  • उसने ईश्वर से माँगा था, दुकानदार से नहीं।
3. श्रीमती संतोष यादव की चरित्रगत विशेषताएँ                            2
  • समाज की खुशी चाहनेवाली।
  • परिस्थितियों से डरनेवाली।
  • बचपन से ही जिज्ञासु।
    सूचनाः 4 से 6 तक के प्रश्नों के उचित उत्तर कोष्ठक से चुनकर लिखें।
4. "उस दिन मैं ने जीवन का एक अहम निर्णय लिया- मैं कभी भी झूठ नहीं बोलूँगा।"- यह अरुण गाँधी का निर्णय था।                                                       1
5. 'पानीदार होना'- इसका मतलब है - सम्माननीय होना              1
6. सप्तम को आराम करने की जगह लड़के ने दी।                         1
    सूचनाः 7 से 10 तक के प्रश्नों में से किन्हीं तीन के उत्तर लिखें। (3x2=6)
7. किसान की ज़मीन किसी शोषक (दलाल, महाजन आदि) के पास चली गई। आर्थिक कठिनाई से शोषकों के जाल में फँसनेवाले किसान की हालत यहाँ वर्णित है। ऐसे किसान जीवन की विभिन्न सुविधाओं से वंचित रहते हैं। याने यहाँ किसानों की शोचनीय दशा की ओर संकेत है। (महाजनः കൊള്ളപ്പലിശക്കാരന്‍,  फँसनाः കുടുങ്ങുക)
8. मैं सहमत हूँ। हमें ठीक तरह से पढ़ाई करके परीक्षा लिखनी चाहिए। नकल करके पास होना कभी भी ठीक नहीं है।
9. अरुण को ठीक पाँच बजे अपने पिताजी की मीटिंग की जगह पहुँचना था। लेकिन पहुँचते समय छह बज चुका था। इसलिए अरुण गाँधी झूठ बोले कि कार तैयार नहीं थी इसलिए देर हुई।
10. यह कल्पना जल की दुर्लभता का संकेत देती है। विभिन्न समस्याओं के फलस्वरूप जल की दुर्लभता बढ़ती जा रही है। यह एक अत्यंत भयानक समस्या है।
11. समानार्थी शब्द चुनकर तालिका की पूर्ति                                3
बारिश
वर्षा
ज़मीन
भूमि
घटा
मेघ
आसमान
आकाश
बदन
शरीर
साँझ
संध्या
निशा
रात
12. संशोधन                                                                 2
     गीता सात (साथ) साल की (का) लड़की है। वह दूसरी कक्षा में पढ़ती (पढ़ता) है। उसका (वह का) भाई पाँचवीं कक्षा में पढ़ता है।
13. 'सफ़ेद गुड़' में 'सफ़ेद' शब्द विशेषण है।                               1
14. 'उसके' में प्रयुक्त सर्वनाम वह है। (वह+के=उसके)                  1
      सूचनाः15-17 कवितांश के आधार पर उत्तर
15. धरती माता ने बादल जी के नाम खत भेजा।                          1
16. गर्मी/बादल के नाम धरती का पत्र/बादल से                         1
17. कविता का आशय                                                     3
      रचनाकार ने यह कवितांश 'बादलजी के नाम धरती का पत्र' के रूप में प्रस्तुत किया है। वर्तमान समाज की भीषण समस्या-सूखा यहाँ वर्णित है।
     धरती मता ने बादल दादा के नाम पत्र लिखा है- हे दादा, तुम्हें प्रणाम! मेरा शरीर दिन--दिन सूखता जा रहा है। पिछले कई बरसों से नियमित रूप से वर्षा नहीं हो रही है। इससे प्रकृति पर बड़ा असंतुलन हो रहा है, जलवायु पर उसका दुष्परिणाम हो रहा है, मैं बहुत चिंतित हूँ कि इस बार क्या परिणाम होनेवाला है।
     बड़ी गर्मी में धरती तपती रहती है। सभी पशु-पक्षियों और वनस्पतियों पर इसका बुरा असर हो रहा है। ऐसे सन्दर्भ में यह कवितांश बिलकुल अच्छा और प्रासंगिक है। पत्र के रूप में यह कवितांश बहुत अच्छा लगता है। (सूखाः വരള്‍ച്ച, दिन-ब-दिनः ദിനംതോറും, नियमित रूप सेः പതിവായി, असंतुलनः അസന്തുലിതാവസ്ഥ, जलवायुः കാലാവസ്ഥ, दुष्परिणामः ദേഷകരമായ മാറ്റം, बुरा असरः ദുസ്വാധീനം) 
     18-20 गद्यांश के आधार पर उत्तर
18. मरीज़ का पूरा भरोसा डॉक्टर पर है।                                  1
19. डॉक्टर को कर्तव्यनिष्ठ होना चाहिए। उसे रात-दिन किसी भी व्यक्ति की सेवा के लिए तैयार होना चाहिए।                                                                      2
20. मातृभाषा में अनुवाद                                                   2
രാത്രിയാകട്ടെ പകലാകട്ടെ, രാവിലെയാകട്ടെ വൈകുന്നേരമാകട്ടെ ഒരു ഡോക്ടര്‍ രോഗികള്‍ക്കായി സമയം കണ്ടെത്തുന്നയാളായിരിക്കണം
     सूचनाः 21 से 23 तक के प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लिखें। (2x4=8)
21. जल संरक्षण की आवश्यकता का संदेश देते हुए पोस्टर
  • जल जीवन है
  • जल है तो कल है
  • जल का उपयोग सावधानी से करें।
  • जल का दुरुपयोग न करें
  • अधिकाधिक पेड़ लगाएँ
  • धरती को हरी-भरी बनाएँ
  • अधिकाधिक बारिश मिले
  • भविष्य के लिए
  • आगामी पीढ़ी के लिए
  • एक-एक बूँद बचाएँ
  • जलस्रोतों की रक्षा करें
    जल संरक्षण समिति
    (सावधानी सेः ശ്രദ്ധയോടെ, आगामी पीढ़ीः വരും തലമുറ)
    22. संतोष यादव एवरेस्ट की चोटी पर पहुँच गई- रपट
संतोष यादवः एवरेस्ट की चोटी पर दूसरी बार
      हरियाणा के रेवाड़ी ज़िले की संतोष यादव माउंट एवरेस्ट की चोटी पर दो बार पहुँचनेवाली प्रथम भारतीय महिला बनी। आपने पहले मई 1992 में एवरेस्ट पर पहुँचने में सफलता प्राप्त की थी। अब मई 1993 में आप दूसरी बार एवरेस्ट पर चढ़ी हैं। यह निडर युवती बचपन से जिज्ञासु प्रकृति की थीं। एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए परिवार से अनुमति मिलना मुश्किल था। लेकिन दृढ़ निश्चयवाली संतोष के सामने उनके पिताजी को भी अंत में हार माननी पड़ी। आजकल वे भारत-तिबत सीमा पुलिस में अफसर हैं।
(निडरः നിര്‍ഭയയായ, हार माननाः മുട്ടുമടക്കുക)
23. अरुण गाँधी की डायरी
तारीखः...................
      आज मैं पिताजी के साथ कार में डरबन शहर गया। पिताजी को शाम तक एक मीटिंग थी। उसके बीच में मुझे विभिन्न कार्य करने थे। कार की सर्वीसिंग भी थी। मैंने सबकुछ फटाफट किया और एक अंग्रेज़ी फिल्म देखने एक सिनेमाघर घुसा। फिल्म देखते देखते देर हो गया। कार लेकर पिताजी के पास पहुँचते वक्त छह बज गया था। पिताजी पाँच बजे से मेरे लिए इंतज़ार कर रहे थे। मैं झूठ बोला कि कार तैयार नहीं थी। पिताजी को पता था कि वह झूठ है। इसलिए पिताजी कार में न चढ़कर घर तक 18 मील पैदल चलने का निश्चय किया। पिताजी को इतना कष्ट उठाकर घर तक चलते देख मुझे अत्यधिक कष्ट हुआ। मैंने आज एक अहम निर्णल लिया कि मैं कभी भी झूठ नहीं बोलूँगा। आज का दिन मैं कभी भूल नहीं सकता।
                                                        ravi. m., hindiblog

VIII Hin Qn Mar 2016 Analysis


VIII Hin Qn – Annual Exam Mar 2016 - Analysis
1. ചോദ്യം 2 പാഠഭാഗത്തിലെ സംഭവങ്ങളെ ക്രമപ്പെടുത്തി എഴുതാനുള്ളത് പ്രയാസമേറിയ
   തും ആശയക്കുഴപ്പം സൃഷ്ടിക്കുന്നതുമാണ്. മുഴുവനും കൃത്യമായി घटना ആണ് എന്ന് 
   പറയാന്‍ യോജിച്ചവയല്ല.
2. വിശേഷണത്തെ സംബന്ധിച്ച് ഒരു പ്രവര്‍ത്തനം പാഠപുസ്തകത്തില്‍ ഉണ്ട്. എന്നാല്‍ 
    सर्वनाम+कारक സംബന്ധിച്ച പ്രവര്‍ത്തനം ഉണ്ടെന്ന് തോന്നുന്നില്ല
    അതുകൊണ്ടുതന്നെ ചോദ്യം 14 കുട്ടികള്‍ക്ക് പ്രയാസം സൃഷ്ടിച്ചേക്കാം.
3. 15 മുതല്‍ 17 വരെ ചോദ്യങ്ങള്‍ക്ക് ഉത്തരം എഴുതാനായി കൊടുത്ത കവിതാഭാഗം 
    കുട്ടികള്‍ക്ക് എളുപ്പമാകാന്‍ തരമില്ല. ആശയം എഴുതുമ്പോഴാണ് പ്രയാസം കൂടുതല്‍ അനുഭവപ്പെടുക.
4. ചോദ്യം 19ന് ഉത്തരം തൃപ്തികരമായി ഉത്തരം എഴുതാനുള്ളത്രയും കാര്യം ഗദ്യഭാഗത്തില്‍ 
    ഉണ്ടോ എന്ന് സംശയിക്കുന്നു.
5. ചോദ്യം 20 മാതൃഭാഷയിലേക്ക് തര്‍ജ്ജമ ചെയ്യുന്നതിന് പ്രയാസം അനുഭവിക്കും. പ്രത്യേകിച്ചും 
    हर वक्त, वक्त निकालना എന്നീ പ്രയോഗങ്ങള്‍ കുട്ടികള്‍ക്ക് പരിചിതമായിരിക്കാന്‍ തരമില്ല.
          മുഴുവന്‍ കുട്ടികള്‍ക്കും തീര്‍ത്തും തൃപ്തികരമായി ചോദ്യപേപ്പര്‍ നിര്‍മ്മാണം സാധ്യമല്ല. എന്നാല്‍ 
 മേല്‍പ്പറഞ്ഞ പ്രശ്നങ്ങള്‍ ശരാശരിക്കാരായ കുട്ടികള്‍ക്ക് പ്രയാസം സൃഷ്ടിച്ചിരിക്കുമെന്നതില്‍ സംശയമില്ല.
                                                     രവി, ഹിന്ദി ബ്ലോഗ്


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