"बीर बहूटी" നമ്മുടെ കുട്ടികളിലേക്കെത്തിച്ച ടെക്റ്റ് ബുക്ക് ടീമിന് അഭിനന്ദനങ്ങളും കടപ്പാടും അറിയിക്കുന്നു. അതിന്റെ ഉദ്ദേശ്യലക്ഷ്യങ്ങളിൽ दोस्ती , प्रकृति എന്നിവക്കൊപ്പം കാലം കൈവിട്ടു പോയ മൂല്യങ്ങളെക്കുറിച്ചു കൂടി സൂചിപ്പിക്കാമായിരുന്നു എന്ന് എനിക്ക് തോന്നുന്നു . ഇന്ന് മാറി വരുന്ന അധ്യാപക-വിദ്യാർത്ഥി മാനങ്ങളുടെ ഞെട്ടിപ്പിക്കുന്ന കഥകൾ മാധ്യമങ്ങൾ നമുക്കു നൽകി കഴിഞ്ഞു. അംഗീകാരം ഉള്ളതും ഇല്ലാത്തതുമായ വിദ്യാഭ്യാസ സ്ഥാപനങ്ങളിലും, മതപOന കേന്ദ്രങ്ങളിലും ഉണ്ടാകുന്ന പീഢന കഥകളും, പട്ടിക്കൂട് സംഭവങ്ങളും ചില സിനിമകളും നമ്മെ ഞെട്ടിച്ചത് നാം 1970-80 കളിലും ഇന്നും ജീവിച്ചിരിക്കുന്നത് കൊണ്ടാവാം! അന്ന് തല്ലുകൊണ്ട 'ബേല 'കളാണ് നമ്മിൽ പലരും! ഇന്നാണെങ്കിൽ ബേലയെ ശിക്ഷിച്ച അധ്യാപകന് എന്തെല്ലാം നേരിടേണ്ടി വന്നേനെ! അന്ന് നമുക്ക് നമ്മുടെ അധ്യാപകരോടും തിരിച്ച് അവർക്ക് നമ്മോടും തോന്നിയിരുന്ന ബഹുമാനവും, സ്നേഹവും വാത്സല്യവും, വിശ്വാസവും ,സ്വന്തമെന്ന തോന്നലും എവിടെപ്പോയി?
IX Hin Mar 2016 Qn Paper Analysis
IX
Hin Mar 2016 Qn Paper Analysis
1.
ചോദ്യം
2ലെ
സംഭവങ്ങള് പരസ്പരം ബന്ധപ്പെടുത്തി
എഴുതാന് പറ്റുന്ന
വിധത്തിലുള്ളതാകുന്നതാണ്
അഭികാമ്യം.
पारस തന്നെ
पत्थर ആയതുകൊണ്ട് पारस पत्थर
എന്ന് പറയുന്നത് ശരിയായി
തോന്നുന്നില്ല.
2.
ചോദ്യം
7ന്
ഉത്തരമായി പ്രതീക്ഷിക്കുന്ന
बाँध आने के कारण ഉചിതമായി
തോന്നുന്നില്ല.
അണക്കെട്ട്
പൂര്ത്തിയായി,
ഇനി വെള്ളം
നിറയുകയാണ് വേണ്ടത്.
അതുകൊണ്ടുതന്നെ
बारिश के कारण എന്നതും സംശയം
സൃഷ്ടിച്ചേക്കാം.
बाँध में
पानी भरने के कारण,
गाँव डूबने
के कारण എന്നിങ്ങനെയാണ്
കൂടുതല് ശരിയായതെന്നാണ്
എന്റെ അഭിപ്രായം.
ഈ
പ്രശ്നങ്ങള് ഒഴിവാക്കിയാല്
ഈ ചോദ്യപേപ്പര് പൊതുവെ
മികച്ചതായി കണക്കാക്കാവുന്നതാണ്.
രവി,
ഹിന്ദി
ബ്ലോഗ്.
VIII Hin Mar. 2016 Model Ans. Paper
VIII Hin Mar 2016 Model
Ans Paper
1.
पाठ-प्रोक्ति-रचयिताः
तालिका की पूर्ति 3
- पाठप्रोक्तिरचयितापिता का प्रायश्चितसंस्मरणअरुण गाँधीइस बारिश मेंकवितानरेश सक्सेनाज्ञानमार्गएकांकीअसगर बज़ाहत
2.
कोष्ठक
से घटनाएँ चुनकर क्रमानुसार
पूर्ति 2
- माँ ऊपर आसमान की ओर बड़ी देर तक देखती रही।
- लड़के के मन में माँ के बटुए से पैसे चुराने का भी ख्याल आया।
- अंधेरे में उसकी हथेली में एक अठन्नी दमक रही थी।
- उसने ईश्वर से माँगा था, दुकानदार से नहीं।
3.
श्रीमती
संतोष यादव की चरित्रगत
विशेषताएँ 2
- समाज की खुशी चाहनेवाली।
परिस्थितियों से डरनेवाली।- बचपन से ही जिज्ञासु।
सूचनाः
4 से
6 तक
के प्रश्नों के उचित उत्तर
कोष्ठक से चुनकर लिखें।
4.
"उस दिन
मैं ने जीवन का एक अहम निर्णय
लिया- मैं
कभी भी झूठ नहीं बोलूँगा।"-
यह अरुण
गाँधी का निर्णय था। 1
5.
'पानीदार
होना'-
इसका मतलब
है -
सम्माननीय
होना। 1
6.
सप्तम
को आराम करने की जगह लड़के
ने दी। 1
सूचनाः
7 से
10 तक
के प्रश्नों में से किन्हीं
तीन के उत्तर लिखें। (3x2=6)
7.
किसान
की ज़मीन किसी शोषक (दलाल,
महाजन
आदि) के
पास चली गई। आर्थिक कठिनाई
से शोषकों के जाल में फँसनेवाले
किसान की हालत यहाँ वर्णित
है। ऐसे किसान जीवन की विभिन्न
सुविधाओं से वंचित रहते हैं।
याने यहाँ किसानों की शोचनीय
दशा की ओर संकेत है। (महाजनः കൊള്ളപ്പലിശക്കാരന്, फँसनाः കുടുങ്ങുക)
8.
मैं सहमत
हूँ। हमें ठीक तरह से पढ़ाई
करके परीक्षा लिखनी चाहिए।
नकल करके पास होना कभी भी ठीक
नहीं है।
9.
अरुण को
ठीक पाँच बजे अपने पिताजी की
मीटिंग की जगह पहुँचना था।
लेकिन पहुँचते समय छह बज चुका
था। इसलिए अरुण गाँधी झूठ बोले
कि कार तैयार नहीं थी इसलिए
देर हुई।
10.
यह कल्पना
जल की दुर्लभता का संकेत देती
है। विभिन्न समस्याओं के
फलस्वरूप जल की दुर्लभता बढ़ती
जा रही है। यह एक अत्यंत भयानक
समस्या है।
11.
समानार्थी
शब्द चुनकर तालिका की पूर्ति 3
- बारिशवर्षाज़मीनभूमिघटामेघआसमानआकाशबदनशरीरसाँझसंध्यानिशारात
12.
संशोधन 2
गीता
सात (साथ)
साल की
(का)
लड़की
है। वह दूसरी कक्षा में पढ़ती
(पढ़ता)
है। उसका
(वह
का) भाई
पाँचवीं कक्षा में पढ़ता है।
13.
'सफ़ेद
गुड़' में
'सफ़ेद'
शब्द
विशेषण है। 1
14.
'उसके'
में
प्रयुक्त सर्वनाम वह है।
(वह+के=उसके) 1
सूचनाः15-17
कवितांश
के आधार पर उत्तर
15.
धरती माता
ने बादल जी के नाम खत भेजा। 1
16.
गर्मी/बादल
के नाम धरती का पत्र/बादल
से 1
17.
कविता
का आशय 3
रचनाकार
ने यह कवितांश 'बादलजी
के नाम धरती का पत्र'
के रूप
में प्रस्तुत किया है। वर्तमान
समाज की भीषण समस्या-सूखा
यहाँ वर्णित है।
धरती
मता ने बादल दादा के नाम पत्र
लिखा है-
हे दादा,
तुम्हें
प्रणाम!
मेरा शरीर
दिन-ब-दिन
सूखता जा रहा है। पिछले कई
बरसों से नियमित रूप से वर्षा
नहीं हो रही है। इससे प्रकृति
पर बड़ा असंतुलन हो रहा है,
जलवायु
पर उसका दुष्परिणाम हो रहा
है, मैं
बहुत चिंतित हूँ कि इस बार
क्या परिणाम होनेवाला है।
बड़ी
गर्मी में धरती तपती रहती है।
सभी पशु-पक्षियों
और वनस्पतियों पर इसका बुरा
असर हो रहा है। ऐसे सन्दर्भ
में यह कवितांश बिलकुल अच्छा
और प्रासंगिक है। पत्र के रूप
में यह कवितांश बहुत अच्छा
लगता है। (सूखाः വരള്ച്ച, दिन-ब-दिनः ദിനംതോറും, नियमित रूप सेः പതിവായി, असंतुलनः അസന്തുലിതാവസ്ഥ, जलवायुः കാലാവസ്ഥ, दुष्परिणामः ദേഷകരമായ മാറ്റം, बुरा असरः ദുസ്വാധീനം)
18-20
गद्यांश
के आधार पर उत्तर
18.
मरीज़
का पूरा भरोसा डॉक्टर पर
है। 1
19.
डॉक्टर
को कर्तव्यनिष्ठ होना चाहिए।
उसे रात-दिन
किसी भी व्यक्ति की सेवा के
लिए तैयार होना चाहिए। 2
20.
मातृभाषा
में अनुवाद 2
രാത്രിയാകട്ടെ
പകലാകട്ടെ,
രാവിലെയാകട്ടെ
വൈകുന്നേരമാകട്ടെ ഒരു ഡോക്ടര്
രോഗികള്ക്കായി സമയം
കണ്ടെത്തുന്നയാളായിരിക്കണം
सूचनाः
21 से
23 तक
के प्रश्नों में से किन्हीं
दो के उत्तर लिखें। (2x4=8)
21.
जल संरक्षण
की आवश्यकता का संदेश देते
हुए पोस्टर
- जल जीवन है
- जल है तो कल है
- जल का उपयोग सावधानी से करें।
- जल का दुरुपयोग न करें
- अधिकाधिक पेड़ लगाएँ
- धरती को हरी-भरी बनाएँ
- अधिकाधिक बारिश मिले
- भविष्य के लिए
- आगामी पीढ़ी के लिए
- एक-एक बूँद बचाएँ
- जलस्रोतों की रक्षा करेंजल संरक्षण समिति
(सावधानी सेः ശ്രദ്ധയോടെ, आगामी पीढ़ीः വരും തലമുറ)22. संतोष यादव एवरेस्ट की चोटी पर पहुँच गई- रपट
संतोष
यादवः एवरेस्ट की चोटी पर
दूसरी बार
हरियाणा
के रेवाड़ी ज़िले की संतोष
यादव माउंट एवरेस्ट की चोटी
पर दो बार पहुँचनेवाली प्रथम
भारतीय महिला बनी। आपने पहले
मई 1992 में
एवरेस्ट पर पहुँचने में सफलता
प्राप्त की थी। अब मई 1993
में आप
दूसरी बार एवरेस्ट पर चढ़ी
हैं। यह निडर युवती बचपन से
जिज्ञासु प्रकृति की थीं।
एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए परिवार
से अनुमति मिलना मुश्किल था।
लेकिन दृढ़ निश्चयवाली संतोष
के सामने उनके पिताजी को भी
अंत में हार माननी पड़ी। आजकल
वे भारत-तिबत
सीमा पुलिस में अफसर हैं।
(निडरः നിര്ഭയയായ, हार माननाः മുട്ടുമടക്കുക)
(निडरः നിര്ഭയയായ, हार माननाः മുട്ടുമടക്കുക)
23. अरुण
गाँधी की डायरी
तारीखः...................
आज
मैं पिताजी के साथ कार में
डरबन शहर गया। पिताजी को शाम
तक एक मीटिंग थी। उसके बीच में
मुझे विभिन्न कार्य करने थे।
कार की सर्वीसिंग भी थी। मैंने
सबकुछ फटाफट किया और एक अंग्रेज़ी
फिल्म देखने एक सिनेमाघर घुसा।
फिल्म देखते देखते देर हो गया।
कार लेकर पिताजी के पास पहुँचते
वक्त छह बज गया था। पिताजी
पाँच बजे से मेरे लिए इंतज़ार
कर रहे थे। मैं झूठ बोला कि
कार तैयार नहीं थी। पिताजी
को पता था कि वह झूठ है। इसलिए
पिताजी कार में न चढ़कर घर तक
18 मील
पैदल चलने का निश्चय किया।
पिताजी को इतना कष्ट उठाकर
घर तक चलते देख मुझे अत्यधिक
कष्ट हुआ। मैंने आज एक अहम
निर्णल लिया कि मैं कभी भी झूठ
नहीं बोलूँगा। आज का दिन मैं
कभी भूल नहीं सकता।
ravi. m., hindiblog
VIII Hin Qn Mar 2016 Analysis
VIII
Hin Qn – Annual Exam Mar 2016 - Analysis
1.
ചോദ്യം
2
പാഠഭാഗത്തിലെ
സംഭവങ്ങളെ ക്രമപ്പെടുത്തി
എഴുതാനുള്ളത് പ്രയാസമേറിയ
തും
ആശയക്കുഴപ്പം സൃഷ്ടിക്കുന്നതുമാണ്.
മുഴുവനും
കൃത്യമായി घटना ആണ് എന്ന്
പറയാന് യോജിച്ചവയല്ല.
2.
വിശേഷണത്തെ
സംബന്ധിച്ച് ഒരു പ്രവര്ത്തനം
പാഠപുസ്തകത്തില് ഉണ്ട്.
എന്നാല്
सर्वनाम+कारक
സംബന്ധിച്ച പ്രവര്ത്തനം
ഉണ്ടെന്ന് തോന്നുന്നില്ല.
അതുകൊണ്ടുതന്നെ
ചോദ്യം 14
കുട്ടികള്ക്ക്
പ്രയാസം സൃഷ്ടിച്ചേക്കാം.
3.
15 മുതല്
17 വരെ
ചോദ്യങ്ങള്ക്ക് ഉത്തരം
എഴുതാനായി കൊടുത്ത കവിതാഭാഗം
കുട്ടികള്ക്ക് എളുപ്പമാകാന്
തരമില്ല.
ആശയം
എഴുതുമ്പോഴാണ് പ്രയാസം
കൂടുതല് അനുഭവപ്പെടുക.
4.
ചോദ്യം
19ന്
ഉത്തരം തൃപ്തികരമായി ഉത്തരം
എഴുതാനുള്ളത്രയും കാര്യം
ഗദ്യഭാഗത്തില്
ഉണ്ടോ എന്ന്
സംശയിക്കുന്നു.
5.
ചോദ്യം
20
മാതൃഭാഷയിലേക്ക്
തര്ജ്ജമ ചെയ്യുന്നതിന്
പ്രയാസം അനുഭവിക്കും.
പ്രത്യേകിച്ചും
हर वक्त,
वक्त
निकालना എന്നീ പ്രയോഗങ്ങള്
കുട്ടികള്ക്ക് പരിചിതമായിരിക്കാന്
തരമില്ല.
മുഴുവന്
കുട്ടികള്ക്കും തീര്ത്തും
തൃപ്തികരമായി ചോദ്യപേപ്പര്
നിര്മ്മാണം സാധ്യമല്ല.
എന്നാല്
മേല്പ്പറഞ്ഞ പ്രശ്നങ്ങള്
ശരാശരിക്കാരായ കുട്ടികള്ക്ക്
പ്രയാസം സൃഷ്ടിച്ചിരിക്കുമെന്നതില്
സംശയമില്ല.
രവി,
ഹിന്ദി
ബ്ലോഗ്
SSLC Hin Mar 2016 - Model Answer Paper
SSLC
Hindi Mar 2016
Model
Answer Paper
1.
तालिका
की पूर्ति करके लिखें। 2
-
पाठप्रोक्तिरचयितागौरारेखाचित्रमहादेवी वर्माप्रिय डॉक्टर्सउपन्यासपुनत्तिल कुञ्ञब्दुल्लावह तो अच्छा हुआकविताभगवत रावतवापसीकहानीउषा प्रियंवदा
2.
अंग्रेज़ी
शब्दों के स्थान पर समानार्थी
हिंदी शब्द रखकर पुनर्लेखन- 3
सुधा पैसा लेने
बैंक गई। वह खाता संख्या
भूल गई। सुधा ने लिपिक से
कहा। उसने सुधा को प्रबंधक
के पास भेज दिया।
3.
कोष्ठक
से घटनाएँ चुनकर सही क्रम से
खाली स्थान की पूर्ति। 2
- बूढ़े किसान ने शहर की दुकान से बीज और खाद खरीदे।
- घर में आकर देखा कि तीनों बोरों में ठगी भी है।
- ठगी के बारे में पूछने के लिए किसान शहर पहुँचा।
- दुकानदार ने कहा कि ठगी उपहार के रूप में दी गई है।।
4.
गौरा
की चरित्रगत विशेषताएँ। 2
पीड़ा सहने पर क्रुद्ध होनेवाली।- सदा शांत भाव से रहनेवाली।
- अन्य जीव-जंतुओं से प्यार करनेवाली।
सूचना:
5 से
7 तक
के प्रश्नों में से किन्हीं
दो प्रश्नों के उत्तर लिखें। (2x2=4)
5.
सेठजी
के अस्पताल में चिकित्सा की
सुविधाएँ थीं। परंतु बाबूलाल
तेली को निराश लौटना पड़ा।
क्यों? 2
सेठजी
के अस्पताल में चिकित्सा की
सुविधाएँ काफी होने पर भी
बाबूलाल तेली को इधर-उधर
घूमना पड़ा,
पर्याप्त
चिकित्सा नहीं मिली,
अनावश्यक
टेस्टें करनी पड़ीं और जेब
खाली हो गई। इसलिए उसे निराश
लौटना पड़ा। (जेब
खाली होनाः കീശ കാലിയാവുക)
6.
डॉक्टर
के लिए पूरी वसुधा को ही कुटुंब
क्यों बताया गया है? 2
एक
डॉक्टर को स्त्री-पुरुष,
जाति,
धर्म,
रंग,
देश आदि
का भेदभाव रखे बिना सभी मरीज़ों
की सेवा के लिए तैयार रहना
चाहिए। इसलिए डॉक्टर के लिए
पूरी वसुधा को ही कुटुंब बताया
गया है।
7.
'मनुष्यता'
कविता
में किस प्रकार की मृत्यु को
सुमृत्यु कहा गया है? 2
हम
अपने समाज और देश के लिए सत्कार्य
करके मरने पर समाज या देश हमारी
मृत्यु के बाद भी हमें याद
करता है। औरों की भलाई के लिए
होनेवाली ऐसी मृत्यु को ही
'मनुष्यता'
कविता
में सुमृत्यु कहा गया है।
सूचना:
8 से
11 तक
के प्रश्नों में से किन्हीं
तीन प्रश्नों के उत्तर लिखें। (3x4=12)
8.
अपने
पिल्लों की मृत्यु पर दुखी
डौली अपने मित्र को पत्र लिखती
है- 4
स्थानः
…............,
तारीखः
…..........।
प्रिय
मनीषा,
तुम
कैसी हो?
पढ़ाई
कैसी चल रही है?
तुम्हारे
घर में सब कैसे हैं?
मैं
इस पत्र के द्वारा मेरे प्यारे
पिल्लों की दारुण हत्या के
संबंध में बताना चाहती हूँ।
मेरे पापा ने मेरी डैनी के
पिल्लों को गरम पानी में डुबोकर
मरवा दिया है। आज मैं स्कूल
से आकर पिल्लों को ढूँढ रही
थी। मामा ने कहा कि मैनेजर
साहब के घर में हैं,
रमन और
ज्योति को दिखाने के लिए ले
गए हैं,
शाम तक
वापस आएँगे आदि। मुझे संदेह
था। मैंने खोज शुरू की। आया
से, मेहतर
से... अंत
में पता चला कि मेरे पापा ने
मेहतर से पिल्लों को गरम पानी
डुबोकर मरवा दिया है। मैं बहुत
रोयी,
मैंने
खाना भी नहीं खाया। मुझे आश्चर्य
था कि मेरे पापा इतने निष्ठुर
कैसे बने।
तुम्हारे
माँ-बाप
को मेरा प्रणाम। छोटे भाई को
प्यार।
तुम्हारी
सहेली,
(हस्ताक्षर)
डौली।
सेवा
में
मनीषा.
पी.
….................
…................।
9.
गामा
फारसी पत्रकार को भारत के
गुरु-शीष्य
संबंध का महत्व समझाते हैं।
इससे प्रभावित फारसी पत्रकार
की डायरी
स्थानः........................
तारीखः.......................
भारत
के मशहूर पहलवान से आज मेरी
मुलाकात हुई। उन्होंने विश्व
के सारे पहलवानों को कुश्ती
में लड़ने का चैलेंज दिया था।
यह जानकर मैंने गामा से पूछा
कि आप अपने अमुक शिष्य से क्यों
नहीं लड़ते?
लेकिन
यह प्रश्न उन्हें एक धक्का-सा
लगा। हैरान होकर वे मेरी ओर
ही देख रहे थे। उन्होंने कहा
कि मेरा शिष्य मेरे पसीने की
कमाई है। मैं लड़ूँ या वह लड़े
उसमें कोई अंतर नहीं होता।
हम यही चाहते हैं कि हम अपने
शिष्यों से कम प्रमुख रहें।
संसार में जितना नाम मैंने
कमाया,
उससे कहीं
अधिक मेरे शिष्य कमाएँ। उन्होंने
मुझे जल्दी पहचाना कि मैं एक
हिंदुस्तानी नहीं हूँ। आज
मुझे प्राचीन भारत के गुरु-शिष्य
संबंध के बारे में अच्छी जानकारी
मिली। आज का दिन मेरे लिए एक
खास दिन था। (मुलाकातः
കൂടിക്കാഴ്ച धक्काः പ്രഹരം
खासः വിശേഷമായ)
10.
प्रदूषण
से नदी को बचाने का संदेश
देनेवाला पोस्टर
नदियों
को प्रदूषण से बचाएँ
नदियों
में कूड़े-कचड़े
न डालें
कारखानों
से विषैला जल नदियों में न
बहाएँ
हमारे
भविष्य के लिए..
आगामी
पीढ़ियों के लिए....
खेती
के लिए..
प्रकृति
के लिए..
नदियों
को बचाएँ
नदी
पर मानव का ही नहीं
पशु-पक्षियों
का भी अधिकार है
नदी
माँ है..
नदी
संस्कृति है....
पर्यावरण
संरक्षण समिति,
…...........
11.
गजाधर
बाबू एक हफ्ते बाद रिटायर
होनेवाले हैं। चीनी मिल के
मैनेजर से होनेवाली बातचीत
गजाधर
बाबूः नमस्ते मैनेजर साहब।
मैं गजाधर बाबू हूँ।
मैनेजरः
बोलिए जी। एक हफ्ते के बाद आप
रिटायर हो रहे हैं न?
क्या आप
हमारी चीनी मिल में नौकरी
स्वीकार करने तैयार हैं?
गजाधर
बाबूः मैं 35
साल की
सरकारी सेवा के बाद रिटायर
हो रहा हूँ। मेरे मन में पत्नी
और बच्चों के साथ रहने की बड़ी
लालसा है। इसलिए फिलहाल मैं
आपके मिल की नौकरी स्वीकार
करना नहीं चाहता।
मैनेजरः
हमारा विचार था कि आपको मंजूर
है तो हम नियुक्त करेंगे। हम
आपको मजबूर नहीं करेंगे।
क्योंकि हम आपके बारे में
जानते हैं।
गजाधर
बाबूः आप मुझे नियुक्त करने
के लिए तैयार हुए। धन्यवाद।
लेकिन मैं अब जल्दी ही जल्दी
अपने घर पहुँचने के विचार में
हूँ। यहाँ के मित्रों को छोड़कर
जाने में बड़ा दूख है। लेकिन..
क्या
करें?
मैनेजरः
तो आप अपने बीबी-बच्चों
के साथ मिलने की बड़ी इच्छा
में हैं। क्या आप सेवानिवृत्त
होने के लिए तैयार हो गए। घर
जाने का पैकिंग वगैरह शुरू
किया है?
गजाधर
बाबूः वह तो मैं थोड़ा-थोड़ा
कर रहा हूँ। गणेशी भी हैं,
सहायता
करने के लिए।
मैनेजरः
ठीक है गजाधर जी। आपको मेरी
ओर से शुभकामनाएँ।
गजाधर
बाबूः धन्यवाद जी।
(फिल्हालः
ഈ അവസരത്തില് मंजूरः സമ്മതം
मजबूर करनाः നിര്ബ്ബന്ധിക്കുക
नियुक्त करनाः നിയമിക്കുക
शुभकामनाएँ:
ആശംസകള്)
12.
एक एक
अक्षर जोड़ने से विद्वान
बन जाता है। 1
13.
'प्रगति' 1
14.
कवितांश
का आशय 3
यह
कवितांश लोगों को निरंतर
प्रयास और परिश्रम करके विकास
के उच्च स्तर तक पहुँचने की
प्रेरणा देता है।
इस
कवितांश के द्वारा रचनाकार
कहते हैं-
यदि हम
एक-एक
करके पेड़-पौधे
लगाएँ तो बड़े-बड़े
बाग बन जाएँगे,
जंगल बन
जाएँगे। उसी प्रकार एक-एक
ईंट जोड़कर बड़े-बड़े
मकान और महल बना सकते हैं।
वैसे ही यदि हम एक-एक
अक्षर जोड़ें तो बड़े विद्वान
बन जाएँगे। याने अक्षरों का
अभ्यास,
किताबों
का अध्ययन निरंतर करने से हम
बड़े ज्ञानी या विद्वान बन
जाएँगे।
यह
कवितांश अच्छे लक्ष्य को साकार
करने के लिए निरंतर परिश्रम
करने की प्रेरणा देनेवाला
है। अतः यह बिलकुल अच्छा और
प्रासंगिक है।
15.
संशोधन करके
खंड का पुनर्लेखन करें- 2
रमा
का छोटा
भाई सुमेश बैंक में
काम करता है।
16.
उचित
विशेषण चुनकर खंड का
पुनर्लेखन- 2
लोग बड़े
सबेरे इस सुंदर पार्क में
टहलने आते हैं। यहाँ की ठंडी
हवा उनको बड़ी खुशी देती
है।।
17.
उचित योजक
से वाक्य-मिलान- 1
वह
डर गया इसलिए वह कांपने लगा।
सूचना:
खंड पढ़कर18
से 21
तक के
प्रश्नों के उत्तर लिखें।
18.
दो दिन
बाद दिवाली आनेवाली थी। इसलिए
शहर प्रकाशमान था। 1
19.
'सारा
शहर'
में
'सारा'
शब्द
विशेषण है। 1
20.
'उसको'
में
प्रयुक्त सर्वनाम वह है। 1
21.
दिवाली
के अवसर पर शहर में क्या-क्या
हो रहा था? 2
सारा
शहर प्रकाशमान था। कहीं मिट्टी
के बर्तन बिक रहे थे। कहीं
मिठाई की दुकानों से सुगंध आ
रही थी। दिवाली के अवसर पर शहर
में ये सब हो रहा था।
रवि,
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